दर्द सुनाया करता हैं... काग़ज़ काग़ज़ हर्फ़ सजाया करता है, तन्हाई में शहर बसाया करता है, कैसा पागल शख्स है सारी-सारी रात, दीवारों को दर्द सुनाया करता है, रो देता है आप ही अपनी बातों पर, और फिर खुद को आप हंसाया करता है। तेरे प्यार करने की अदा... मेरे दिल ने जब भी दुआ माँगी है, तुझे माँगा है तेरी वफ़ा माँगी है, जिस मोहब्बत को देख के दुनिया को रश्क आये, तेरे प्यार करने की वो अदा माँगी है। सर्द रातों में जुदाई... सर्द रातों में सताती है जुदाई तेरी, आग बुझती नहीं सीने में लगाई तेरी, तू तो कहता था बिछड़ के सुकून पा लेंगे, फिर क्यों रोती है मेरे दर पे तन्हाई तेरी। एक बार पुकारेंगे तुम्हे... तुम सुनो या न सुनो, हाथ बढ़ाओ न बढ़ाओ, डूबते-डूबते एक बार पुकारेंगे तुम्हें। ------------------------------------- मेरे होने में किसी तौर से शामिल हो जाओ, तुम मसीहा नहीं होते हो तो क़ातिल हो जाओ। ------------------------------------- ज़मीं छूटी तो भटक जाओगे ख़लाओं में, तुम उड़ते उड़ते कहीं आसमाँ न छू लेना। ------------------------------------- बड़ी घुटन है, चराग़ों का क्या ख़याल करूँ, अब इस तरफ कोई...